कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे



कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे
जो है आज है, खुल कर जी लो, कल रास्ते खो जायेंगे
याद आएंगे ये अपने, पर ये लम्हे लौट कर नहीं आएंगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे
वो दोस्तों की आहट, किसी खास की मुस्कराहट
हर किसी के प्यार में गिरना, गिर कर सम्भलना
हँसना, खेलना, लड़ना और झगड़ना
भूल न पाएंगे ये दिन, कल जब हम खुद को भी भूल जायेंगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे

कह दो दिल की सारी बाते , कोई न राज रहे
मिटा दो सब गिले - शिकवे , मिलने की कल शायद ही कोई आस रहे
आंखे बोलती रही जो , अब लब्ज भी बोल जायेंगे
आज खामोश रह गए तो , सब अपनी राहे मोड़ जायेंगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे
सुनहरे पल जो हमने साथ गुजारे
किसी का दिल तोड़ा, किसी की जिंदगी में किये उजारे
कभी ख़ुशी से हँसे , तो कभी गम से रोए
यहाँ आँखों में हमने जीवन के हर रंग संजोये
जी करता है आँखे न खोले , वरना सपने टूट जायेंगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे

कभी सोचेंगे अकेले में , तो खुद को तन्हा पाएंगे
बस यादे ही होगी साथ, बाकि सारे निशान मिट जायेंगे
ये हँसते हुए चहरे दुनिया की भीड़ में कहीं खो जायेंगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे
मत मोड़ो किसी से आज मुख , आँखों में देख लेने दो
सोचो क्या लेकर आये थे , क्या लेकर जाना है
दूरिया मिटे न मिटे , पर आज दिलो को मिलाना है
कल हम सब एक दूसरे से दूर हो जायेंगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे

कल शायद ही हम किसी को याद आएंगे
कभी याद आये तो , वो बहुत मुस्करायेंगे
अबको अपनी अपनी मंजिल जाना है, सब अपने रास्ते चले जायेंगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे
अपनी व्यस्त जिंदगी से कभी झांकेंगे बाहर
तो दोस्तों को उन बच्चो के बीच खड़ा पाएंगे
याद आएगी अपनी हर शरारत
खुद को कितना पागल हम पाएंगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे

कहते है दुनिया गोल है, हम सब भी कही न कहीं तो मिल पाएंगे
याद रखना तुम भी हमको, हम भी तुम्हारी याद लेकर जायँगे
जो रह गए है अधूरे ख्वाब , आओ अब हम सजायँगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे
कामना करते है, हम सब कामयाब हो जायँगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे
खोल दो दिल के दरवाजे , अब तो ठंडी हवा आने दो
जो जम गयी है नफरत की धूल , अब तो हट जाने दो
बदल जाएगी कल सबकी दुनिया , कल सारे रास्ते बदल जायेंगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे

कल फिर नयी दुनिया मिलेगी , नई सुबह नए सपने सजायेगी
जो बिछड़ जायेंगे ये दोस्त , इनकी कमी भर न पाएंगे
बाते दफन रह जाएगी सीने में , फिर कभी न कह पाएंगे
कभी अजनबी थे, कल फिर अजनबी हो जायेंगे



Comments

Popular posts from this blog

शौर्य: सत्य की खोज परिचय

शौर्य: सत्य की खोज खण्ड - द्वितीय : शौर्य - एक ढोंगी व्यक्तित्व ! भाग - 1 : गांव का आश्रम !

शौर्य: सत्य की खोज - परिचय खंड - तृतीया : लेखक का सफर : शौर्य का सच !