शौर्य: सत्य की खोज खंड - प्रथम : महा युद्ध पूर्व रात्रि ! भाग 1 : अंतर वार्ता !
यहाँ पढ़े: शौर्य: सत्य की खोज - परिचय खंड - प्रथम : महा युद्ध पूर्व रात्रि ! भाग 1 : अंतर वार्ता ! "आदमी अपनी सारी जिंदगी जी जाता है है और उसको आखिर तक पता नही चलता कि वह इस दुनिया में किस लिए आया था। यहाँ आकर उसे करना क्या था और किया क्या। यह सदियों से अनसुलझी पहेली है जिसका जवाब बहुत लोगो ने ढूंढने की कोशिश की। कुछ लोगो के इसी प्रयास में नए धर्मो की स्थापना हो गयी। सभी अपने धर्मो से जोड़ कर इसका उत्तर ढूंढने का दावा करते है किन्तु फिर भी यह पहेली ही बनी हुई है। छोड़ो ! हमे इस तरह की दार्शनिक बातो से क्या। कल मै अपनी जिंदगी की आखिरी लड़ाई लड़ने जा रहा हूँ। मै नही जानता कि कल युद्ध के बाद क्या होने जा रहा है। चाहे जो भी हो मगर एक बात इस युद्ध में निश्चित है - वो है मेरी मृत्यु ! यही विधि का विधान है और यही आने वाले कल की पुकार। इस रात मुझे नींद नही आएगी क्योकि दोबारा फिर मेरी जिंदगी में कभी रात आने वाली ही नही है। मुझे गम केवल इस बात का है कि कल का युद्ध मै जीत नही पाऊंगा, उस राक्षस को हरा नही सकूंगा। और ख़ुशी इस बात की है कि कल मै जीवन मरण से मु...