शौर्य: सत्य की खोज परिचय
परिचय:
यह कहानी एक सपने के आधार पर लिखी गयी है। सपना बहुत छोटा होता है किन्तु उसका अर्थ बहुत बड़ा होता है। उस सपने के अर्थो, दिखायी गयी चीज़ो और लोगो को जोड़ कर यह कहानी लिखी गयी है। इस कहानी का किसी भी धर्म या सम्प्रदाय इत्यादि से कोई सम्बन्ध नही है।
गॉंव = बालक = बरामदा = घर = महिला = तपड़ = पंचायत = दोषी = बरगद या पीपल का पेड़ = चबूतरा = चारो तरफ आलीशान घर = चौराहा = नवयुवक = बाये हाथ में किताब = दायें हाथ में मसाल या लकड़ी का डंडा = सड़क = एक पेड़ कुछ दूरी पर सड़क के बायीं तरफ
सन 2100 AD = मंदिर = घंटी = बहुत सारे मंदिर = शहर = पहाड़ी शहर = समुद्र या नदी के किनारे बसा शहर
योद्धा = मौत = राक्षस = लड़की = हंसी = शहर बर्बाद
सन 2010 DC = गुंबद नुमा पूजा स्थल = पेड़ = नकाबपोश लोग = अंग्रेज = बड़ी - बड़ी इमारते सामने वाले शहर में = बीच में समुद्र = पश्चिम की तरफ = रेत
आज वहाँ गुंबद नुमा पूजा स्थल है, घर है, बहुत सारे पेड़ है, नकाबपोश लोग रहते है और दो तरफ समुन्द्र है। यह वह शहर है जहाँ कभी मंदिर ही मंदिर हुआ करते थे। उनमे से एक हुआ करता था वानर देवता का मंदिर। लाल रंग का , छोटा सा , आज कल भी वैसे मंदिर बहुत जगह देखने में मिल जाते है। यह शहर समतल नही था और न पहाड़ी पर बसा हुआ था। हमे लगता है कि किसी रेत के टीले पर यह बसा हुआ था। अलग अलग तरह के मंदिर थे वहाँ।
इस शहर का सम्बन्ध एक छोटे से गॉंव के उस युवक से है जो 23 -24 साल की उम्र में घर और गांव छोड़ कर निकल पड़ा था एक अनजाने सफर पर। एक लम्बी सड़क जिसकी कोई मंजिल दिखाई नही दे रही है। कुछ दुरी पर सड़क के बायीं तरफ एक पेड़ है और दोनों तरफ खेतो में फसल खड़ी है। गांव छोड़ते वक्त उसके एक हाथ में किताब थी और दांये हाथ में मसाल या लकड़ी का टुकड़ा जो एक तरफ से उबरा हुआ हो था। उसका बचपन शायद बहुत कठिनाईयों में गुजरा था। एक बार वह अकेला खम्बे के सहारे बरामदे में खड़ा था। सामने कुछ बच्चे खेल रहे थे किन्तु वह फिर भी वहाँ अकेला उदास ही खड़ा था। उसकी दायी तरफ कुछ पशु बंधे हुए थे।
कुछ समय बाद जब वह सामने आँगन में गया वहाँ एक महिला खड़ी थी। उस महिला उसके गाल पर जोर से तपड़ मारा। कुछ समय बाद वह लड़का गॉंव में पंचायत के सामने खड़ा है दोषी के रूप में। पंचायत पीपल या बरगद के पेड़ के निचे लगी हुई है और आस पास बहुत ही आलीसान घर बने हुए है।
यह इस कहानी का एक परिचय है। अगले लेख से हम कहानी के भागो को लिखना शुरू करेंगे। उम्मीद करते है आप को यह कहानी बहुत ही अच्छी लगेगी। कहानी के पांच खंड है।
खंड - प्रथम : महा युद्ध पूर्व रात्रि !
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